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शिक्षण संस्थान की जगह पर बनाया गया कमर्शियल कंपलेक्स,बना भाजपा के गले की फांस

▶भाजपा किसान मोर्चा के जिला महामंत्री विक्रांत चौधरी का सामने आया काला कारनामा

▶बेशकीमती जमीन के बदले एमडीए अफसरों ने भरी अपनी जेबें

▶सत्ता की हनक के आगे नतमस्तक हैं अफसर

श्रीकांत त्यागी के बाद एक और भाजपा नेता का काला कारनामा सामने आया है। एक ओर पीएम मोदी और सीएम योगी शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटे हैं वहीं मेरठ भाजपा किसान मोर्चा के जिला महामंत्री चौधरी विक्रांत अहलावत उर्फ आदित्य ने स्कूल निर्माण के नाम पर मेरठ विकास प्राधिकरण से करोड़ों की जमीन कौडिय़ों के भाव खरीद कर उस पर दो मंजिला अवैध मार्केट बना दिया है। वहीं सत्ता की हनक के आगे अब एमडीए के अफसर भी नतमस्तक हैं और कार्रवाई के नाम पर महज कागजी खानापूर्ति कर रहे हैं।

मेरठ एनएच 58 स्थित पल्हैड़ा चौक मोदीपुरम में एक भाजपा नेता ने शैक्षणिक भवन के नाम पर भूखंड लिया और इस पर बिना नक्शा पास कराए अवैध कॉम्प्लेक्स बना लिया। तीन मंजिला कॉम्प्लेक्स में होटल, बुटीक, रेस्टोरेंट समेत तमाम दुकानें हैं। शिव मार्केट नाम से अवैध रूप से तैयार इस कॉम्प्लेक्स का मामला भाजपा किसान मोर्चा के जिला महामंत्री विक्रांत चौधरी उर्फ आदित्य अहलावत से जुड़ा होने के बाद विपक्ष भी हमलावर हो गया है। एमडीए के दस्तावेजों के मुताबिक सजल शिक्षण संस्थान के नाम पर 766.88 वर्ग मीटर के प्लॉट का आवंटन 28 अगस्त 2014 को 85 लाख 50 हजार में विक्रांत चौधरी के नाम स्वीकृत किया गया था। इस पर 21 अगस्त 2019 में कब्जा दिया और कुछ रुपये और जमा कराए गए। इसके कुछ दिन बाद यहां शिक्षण संस्थान बनाने के बजाय दुकानें बनानी शुरू कर दी गई। कई दुकानें बिक चुकी हैं और होटल, रेस्टोरेंट, बुटीक समेत कई दुकानें संचालित हैं। दुकानों को लोन पर लेने के लिए भी बोर्ड लगाए गए। इस संबंध में भाजपा नेता विक्रांत चौधरी से संपर्क का प्रयास किया, लेकिन उनका मोबाइल स्विच ऑफ रहा।रसूख और सेटिंग-गेटिंग के बल पर अवैध कॉम्प्लेक्स तैयार हुआ। एमडीए की ओर से 19 जून 2019 को सीओ को पत्र लिखा गया। इसमें कहा गया कि एमडीए ने सील लगाई, जिसे तोड़कर अवैध निर्माण किया जा रहा है। थाने पर एमडीए की ओर से तहरीर भेजी गई, लेकिन मुंशी ने रिसीव नहीं की।

एमडीए की ओर से ध्वस्तीकरण आदेश पारित होने के बाद 11 नवंबर 2019 और 5 दिसंबर 2019 को विक्रांत चौधरी को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इसके बाद भी पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी हुए लेकिन विक्रांत की ओर से जवाब नहीं दिया गया। विक्रांत ने कमिश्नर के यहां अपील की, जहां कमिश्नर ने उपाध्यक्ष के ध्वस्तीकरण के आदेश को बरकरार रखा। शासन में अपील करने पर विक्रांत के पक्ष को सुनने के आदेश विशेष सचिव की ओर से दिए गए।

विक्रांत चौधरी के अवैध कॉम्पलेक्स के ध्वस्तीकरण को आदेश पारित किए जा चुके हैं। कमिश्नर के यहां से भी उसे कोई राहत नहीं मिली है। शासन के निर्देश पर डीएम व प्रभारी उपाध्यक्ष दीपक मीणा 24 अगस्त को उनका पक्ष सुनेंगे।

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